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Friday, 26 December 2014

बॉडी लैंग्‍वेज से जानिये सेक्‍स सिग्‍नल

यूं तो प्‍यार अनुभव करने की चीज होती है, पर इसकी भी एक भाषा होती है। पशु-पक्षी व अन्‍य जीव प्रणय निवेदन की भाषा को अच्‍छी तरह अनुभव कर लेते हैं, पर इंसानों के भीतर प्रेम को परखने की यह क्षमता ज्‍यादा तीक्ष्‍ण नहीं होती। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि मनुष्‍य सभ्‍य समाज में रहने वाला सामाजिक प्राणी है। इस वजह से उसे कई तरह के मर्यादाओं और बंधनों को स्‍वीकार करना पड़ता है। इस क्रम में वह स्‍वाभाविक व स्‍वच्‍छंद प्रेम और कामेच्‍छाओं को मनचाहे तरीके से तृप्‍त नहीं कर सकता। कई बार तो पुरुष और स्‍त्री एक-दूसरे के निवेदन के 'सिग्‍नल' को ही नहीं पकड़ पाते।यही वजह है कि इस विषय पर और शोध करने की जरूरत आज भी महसूस की जाती है। शोधकर्ताओं ने स्‍त्री-पुरुष की भाव-भंगिमाओं को लेकर कुछ ठोस निष्‍कर्ष निकाले हैं। एक-दूसरे से प्‍यार और 'संबंध' बनाने को इच्‍छुक लोगों की बॉडी लैंग्‍वेज के बारे में कुछ तथ्‍य इस प्रकार हैं-प्‍यार के आगोश में पड़ने वाले व्‍यक्ति के चेहरे के उस हिस्‍से में कसावट आ जाती है, जो आमतौर पर थोड़ा फूला होता है। ऐसी स्थिति में आंखों में थोड़ी सिकुड़न भी आ जाती है। प्‍यार की चाह वाली अवस्‍था में शरीर का ढीलापन गायब हो जाता है। सीना थोड़ा बाहर की ओर निकल जाता है, साथ ही पेट थोड़ा अंदर की ओर धंस जाता है।अगर कामातुर महिला की बॉडी लैंग्‍वेज की बात की जाए, तो कुछ बातें एकदम स्‍पष्‍ट नजर आती हैं। स्‍त्री पुरुष को पाने के लिए अनायास ही कुछ प्रयास करती है। महिला अपने बालों को छूती है और अपने कपड़ों पर भी हाथ फेरती है। महिला के एक या दोनों हाथ अचानक पीछे की ओर चले जाते हैं। स्‍त्री अपने शरीर का कुछ भाग पुरुष की ओर झुका देती है। संभोग की इच्‍छुक महिला के गालों की लाली अचानक की बढ़ जाती है।अगर पुरुष के पूरे शरीर पर एक निगाह डाली जाए, तो वह थोड़ा और तन जाता है। प्रेम पाने को आतुर स्‍त्री या पुरुष उस अवस्‍था में कुछ युवा नजर आने लगते हैं। ऐसी स्थिति में महिलाएं अपने हाथ की उंगलियों को पूरी तरह खोल लेती हैं। शोध में यह बात सामने आई है कि कलाई भी कामुक क्षेत्रों में से एक है। प्‍यार पाने को आतुर महिला माथे को झटककर अपने बाल पीछे की ओर कर लेती है। स्त्रियां झुकी हुई पलकों से पुरुष को निहारती हैं और कुछ देरे पर निगाहें टिकाए रहती हैं।पिछले हिस्‍से में पहले की तुलना में थोड़ा और उभार आ जाता है। साथ ही वह उस स्‍त्री से कुछ ज्‍यादा ही देर तक निगाहें मिलाता है। आंखों की पुतलियां भी फैल जाती हैं। किसी महिला से प्‍यार चाहने की अवस्‍था में पुरुष अपने बालों को संवारने की कोशिश करता है। स्त्रियों के होठ खुल जाते हैं और दोनों होठों पर थोड़ी तरलता आ जाती है। होठ और गाल समेत पूरे चेहरे की लालिमा बढ़ जाती है, क्‍योंकि उन भागों में रक्‍त का प्रवाह तेज हो जाता है।कामातुर स्‍त्री प्‍यार पाने के लिए अपने पैरों को एक-दूसरे से रगड़ती है। ऐसा करके वह अपनी कोमल और प्रेमासक्‍त भावना का इजहार करती है। ध्‍यान रखने वाली बात यह है कि हर परिस्थिति और हर व्‍यक्ति पर बॉडी लैंग्‍वेज के ये सूत्र लागू हों, यह कोई आवश्‍यक नहीं है। सामान्‍य अवस्‍था में स्त्रियां अपने दोनों पैरों को सटाकर रखना पसंद करती हैं, जबकि काम के आवेश में आने के बाद उसके दोनों पैरों के बीच की दूरी अचानक ही बढ़ जाती है

यौन क्रिया के बाद क्‍या चाहती हैं महिलाएं

आमतौर पर पुरुष संभोग के तुरंत बाद या तो सो जाते है, या फिर अपनी पार्टनर से दूर बैठ जाते हैं। ऐसा करने पर कई बार पार्टनर का मूड खराब भी हो जाता है। क्‍या आपके साथ भी ऐसा होता है? क्‍या आपकी पार्टनर भी प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद रूठ जाती है। शायद इसमें आपकी भी गलती हो सकती है, क्‍योंकि महिलाएं यौन क्रिया के बाद भी आपका प्‍यार चाहती हैं।
कुछ बातें हम आपको बताएंगे, जिनका पालन कर आप अपने और अपनी पार्टनर के बीच सकारात्‍मक फर्क जरूर महसूस करेंगे।
1. सेक्‍स के तुरंत बाद कभी सोयें नहीं। इससे महिला को लगता है कि आप सिर्फ मतलब से उसके करीब आते हैं।
2. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर के साथ स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में लेट जायें जैसे दो चम्‍मच एक दूसरे में फिट हो जाते हैं। और अपने हाथों से हलके-हलके स्‍पर्श करते हुए प्‍यार की बाते करें। इससे महिला अपने आपको सुरक्षित महसूस करती है।
3. प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद भी महिलाएं अपने पार्टनर से बातें करना पसंद करती हैं। ऐसे में यदि आप मीठा सा चुंबन लेंगे, तो उन्‍हें अच्‍छा लगेगा।
4. यदि आप खासतौर से अपनी पार्टनर के मन की बात जानना चाहते हैं कि वे सेक्‍स के बाद क्‍या चाहती है, तो स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में उनसे पूछें कि उन्‍हें कैसा लग रहा है। वो खुद ब खुद अपनी इच्‍छाएं बयान कर देंगी। उनकी इच्‍छाओं को पूरा करके आप अपने प्‍यार भरे जीवन में खुशियां दुगनी कर सकते हैं।
5. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर से पूछें कि उन्‍हें कैसा लगा, कौन सी यौन क्रिया में उन्‍हें सबसे ज्‍यादा आनंद आया, प्‍यार के वक्‍त उन्‍हें क्‍या चीज़ सबसे अच्‍छी लगी, आदि। उन बातों को अगली बार आज़माकर आप अपनी पार्टनर के और ज्‍यादा करीब जा सकते हैं।
6. ऐसा बहुत कम होता है कि महिला दोबारा संभोग के लिए कहे। महिलाएं कभी भी प्‍यार के बाद आराम नहीं चाहती, जबकि अधिकांश पुरुष इस क्रिया के बाद सोना पसंद करते हैं। यदि आपकी पार्टनर दोबारा संभोग के लिए कहे, तो मना मत करिये, क्‍योंकि ऐसा चांस जल्‍दी नहीं आता।

संभोग में सीधे प्रवेश की जगह करें चुंबन से शुरुआत

संभोग में सीधे प्रवेश की जगह करें चुंबन से शुरुआत
 
संभोग में सीधे प्रवेश की जगह दंपत्तियों के एक-दूसरे को चूमना, सहलाना और छेड़छाड़ करने से प्‍यार प्रगाढ़ होता है। फिर संभोग केवल एक वासना नहीं होकर, प्‍यार बन जाता है। कामसूत्र में प्‍यार में गहरे उतरने से पहले चुंबन की सलाह दी गई हैा ऊपरी होंठ व अधर (निचले होंठ) के चुंबन में एक नशा सा छाता जाता है और स्‍त्री पुरुष प्‍यार में सरोबार होते चले जाते हैं। जब नशा धीरे-धीरे बढ़ने लगात है तो चुंबन का दायरा, होंठ, मस्‍तक, आंख और गाल से नीचे उतरते हुए स्‍तन, उसके चुचूक, बगलों, नाभी, जांघों के जोड़ और फिर उसके नीचे सरकता चला जाता है। बदन के हर हिस्‍से में किया गया चुंबन, प्रेमियों के अंदर प्‍यार की ज्‍वार उत्‍पन्‍न कर देता है जो आखिर में संभोग में स्‍खलन के बाद ही उतरता है।
 
वात्‍स्‍यायन ने लिखा है कि होंठों व मुख के अलावा किए जाने वाले चुंबन का चार भेद है
*सम- यह चुंबन दोनों जांघों के जोड़, नितंब, बगलों और स्‍त्री द्वारा पुरुष के सीने पर किया जाता है
 
*पीडि़त- यह चुंबन स्‍तनों, दोनों गालों, नाभी और नाभी के नीचे पेड़ू पर किया जाता है
 
*अंचित- यह स्‍तनों और दोनों बगलों(कांख) पर किया जाता है
 
*मृदु- यह ललाट एवं आंखों पर किया जाता है
 
चुंबन भड़काती है वासना की आग- यह स्‍त्री या पुरुष में से कोई सो रहा हो और उसके दूसरे साथी का मन प्‍यार के लिए मचल रहा हो तो वह सोते हुए साथी पर चुंबनों की बौछार करते हुए उसे जगाने की चेष्‍टा करता है। इससे सोए हुए साथी के अंदर भी वासना भड़क उठती है और दोनों प्‍यार में सराबोर हो जाते हैं।
 
 
काम में मशगुल साथी को रिझाए- जब एक साथी काम में मशगुल हो और दूसरे का मन प्‍यार करने के लिए तड़प रहा हो तो वह उस पर सवार होकर चुंबनों की बौझार कर सकता है। इससे दूसरा साथी समझ जाता है कि उसका साथी क्‍या चाह रहा है। आज के संदर्भ में लैपटॉप और फेसबुक पर व्‍यस्‍त साथी को बिस्‍तर पर लाने के लिए चुंबन से बेहतर कोई हथियार नहीं हो सकता। यह चुंबन हर तरह के मर्यादा को तोड़ने वाली हो तो कितना ही व्‍यस्‍त साथी हो, संभोग के लिए मचल उठेगा। 
 
संभोग के प्रति उदासीन साथी में भी भरता है रोमांच- संभोग के प्रति यदि एक साथी काफी दिनों से उदासीनता भरा बर्ताव कर रहा हो तो उसके अंदर इच्‍छा जागृत करने के लिए पहले उसके शरीर की मालिश से शुरुआत करनी चाहिए। फिर मसाज के साथ-साथ एक-एक अनावृत अंग पर गर्म होठों की तपिश उसके अंदर चिंगारी भड़काना शुरू कर देता है।
 
ऐसे क्षण में जांघों पर किया जाने वाला चुंबन सीधे तीर की तरह सारे बदन में उतर जाता है और सिहरन पैदा कर देता है। फिर पैर, उसकी ऊंगलियों व उसके पोरों पर चुंबन और उसे मुंह में भरकर चूसने की प्रक्रिया उदासीन साथी को संभोग के लिए आतुर कर देगा।

स्त्रियों के यौन उत्तेजना चक्र

स्त्रियों के यौन उत्तेजना चक्र

स्त्रियों के यौन रोगों को भली-भांति समझने के लिए हमें स्त्रियों के प्रजनन तंत्र की संरचना और यौन उत्तेजना चक्र को ठीक से समझना होगा। यौन उत्तेजना चक्र को हम चार अवस्थाओं में बांट सकते हैं।

1. उत्तेजना (Excitement)

2. उत्तेजना की पराकाष्ठा (Plateau)

3. चरम-आनंद (Orgasm)

4. चरम-आनंद के पश्चात उत्तेजना का समापन (Resolution)

1. उत्तेजना (Excitement)
इस अवस्था में कई भावनात्मक और शारीरिक परिवर्तन जैसे योनि स्नेहन या Lubrication (योनि का बर्थोलिन तथा अन्य ग्रंथियों के स्राव से नहा जाना), जननेन्द्रियों में रक्त-संचार बड़ी तेजी से बढ़ता है। संभोग भी शरीर पर एक प्रकार का भौतिक और भावनात्मक आघात ही है और इसके प्रत्युत्तर में रक्तचाप व हृदयगति बढ़ जाती है और सांस तेज चलने लगती है। साथ ही भगशिश्न या Clitoris (यह स्त्रियों में शिश्न का प्रतिरूप माना जाता है ) में रक्त का संचय बढ़ जाने से यह बड़ा दिखाई देने लगता है, योनि सूजन तथा फैलाव के कारण बड़ी और लंबी हो जाती है। स्तन बड़े हो जाते हैं और स्तनाग्र तन कर कड़े हो जाते हैं। उपरोक्त में से कई परिवर्तन अतिशीघ्रता से होते हैं जैसे यौनउत्तेजना के 15 सेकण्ड बाद ही रक्त संचय बढ़ने से योनि में पर्याप्त गीलापन आ जाता है और गर्भाशय थोड़ा बड़ा हो कर अपनी स्थिति बदल लेता है। रक्त के संचय से भगोष्ठ, भगशिश्न, योनिमुख आदि की त्वचा में लालिमा आ जाती है। 

2. उत्तेजना की पराकाष्ठा (Plateau)
दूसरी अवस्था उत्तेजना की पराकाष्ठा (Plateau) है । यह उत्तेजना की ही अगली स्थिति है जिसमें योनि (Vagina), भगशिश्न (Clitoris), भगोष्ठ (Labia) आदि में रक्त का संचय अधिकतम सीमा पर पहुँच जाता है, जैसे जैसे उत्तेजना बढ़ती जाती है योनि की सूजन तथा फैलाव, हृदयगति, पेशियों का तनाव बढ़ता जाता है। स्तन और बड़े हो जाते हैं, स्तनाग्रों (Nipples) का कड़ापन तनिक और बढ़ जाता है और गर्भाशय ज्यादा अंदर धंस जाता है। लेकिन ये परिवर्तन अपेक्षाकृत धीमी गति से होते हैं।

3. चरम-आनंद (Orgasm)

तीसरी अवस्था चरम-आनंद (Orgasm) की है जिसमें योनि, उदर और गुदा की पेशियों का क्रमबद्ध लहर की लय में संकुचन होता है और प्रचंड आनंद की अनुभूति होती है। यह अवस्था अतितीव्र पर क्षणिक होती है। कई बार स्त्री को चरम-आनंद की अनुभूति भगशिश्न के उकसाव से होती है। कई स्त्रियों को बिना भगशिश्न को सहलाये चरम-आनंद की अनुभूति होती ही नहीं है। कुछ स्त्रियों को संभोग में गर्भाशय की ग्रीवा (Cervix) पर आघात होने पर गहरे चरम-आनंद की अनुभूति होती है। दूसरी ओर कुछ स्त्रियों को गर्भाशय की ग्रीवा पर आघात अप्रिय लगता है और संभोग के बाद भी एंठन रहती है। पुरुषों की भांति स्त्रियां चरम-आनंद के बाद भी पूर्णतः शिथिल नहीं पड़ती, और यदि उत्तेजना या संभोग जारी रहे तो स्त्रियां एक के बाद दूसरा फिर तीसरा इस तरह कई बार चरम-आनंद प्राप्त करती हैं। पहले चरम-आनंद के बाद अक्सर भगशिश्न की संवेदना और बढ़ जाती है और दबाव या घर्षण से दर्द भी होता है।

4. चरम-आनंद के पश्चात उत्तेजना का समापन (Resolution)
चरम-आनंद के पश्चात अंतिम अवस्था समापन (Resolution) है जिसमें योनि, भगशिश्न, भगोष्ट आदि में एकत्रित रक्त वापस लौट जाता है, स्तन व स्तनाग्र सामान्य अवस्था में आ जाते हैं और हृदयगति, रक्तचाप और श्वसन सामान्य हो जाता है। यानी सब कुछ पूर्व अवस्था में आ जाता है।



सभी स्त्रियों में उत्तेजना चक्र का अनुभव अलग-अलग तरीके से होता है, जैसे कुछ स्त्रियां उत्तेजना की अवस्था से बहुत जल्दी चरम-आनंद प्राप्त कर लेती हैं। दूसरी ओर कई स्त्रियां सामान्य अवस्था में आने के पहले कई बार उत्तेजना की पराकाष्ठा और चरम-आनंद की अवस्था में आगे-पीछे होती रहती हैं और कई बार चरम-आनंद प्राप्त करती हैं।


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