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Friday, 26 December 2014

बॉडी लैंग्‍वेज से जानिये सेक्‍स सिग्‍नल

यूं तो प्‍यार अनुभव करने की चीज होती है, पर इसकी भी एक भाषा होती है। पशु-पक्षी व अन्‍य जीव प्रणय निवेदन की भाषा को अच्‍छी तरह अनुभव कर लेते हैं, पर इंसानों के भीतर प्रेम को परखने की यह क्षमता ज्‍यादा तीक्ष्‍ण नहीं होती। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि मनुष्‍य सभ्‍य समाज में रहने वाला सामाजिक प्राणी है। इस वजह से उसे कई तरह के मर्यादाओं और बंधनों को स्‍वीकार करना पड़ता है। इस क्रम में वह स्‍वाभाविक व स्‍वच्‍छंद प्रेम और कामेच्‍छाओं को मनचाहे तरीके से तृप्‍त नहीं कर सकता। कई बार तो पुरुष और स्‍त्री एक-दूसरे के निवेदन के 'सिग्‍नल' को ही नहीं पकड़ पाते।यही वजह है कि इस विषय पर और शोध करने की जरूरत आज भी महसूस की जाती है। शोधकर्ताओं ने स्‍त्री-पुरुष की भाव-भंगिमाओं को लेकर कुछ ठोस निष्‍कर्ष निकाले हैं। एक-दूसरे से प्‍यार और 'संबंध' बनाने को इच्‍छुक लोगों की बॉडी लैंग्‍वेज के बारे में कुछ तथ्‍य इस प्रकार हैं-प्‍यार के आगोश में पड़ने वाले व्‍यक्ति के चेहरे के उस हिस्‍से में कसावट आ जाती है, जो आमतौर पर थोड़ा फूला होता है। ऐसी स्थिति में आंखों में थोड़ी सिकुड़न भी आ जाती है। प्‍यार की चाह वाली अवस्‍था में शरीर का ढीलापन गायब हो जाता है। सीना थोड़ा बाहर की ओर निकल जाता है, साथ ही पेट थोड़ा अंदर की ओर धंस जाता है।अगर कामातुर महिला की बॉडी लैंग्‍वेज की बात की जाए, तो कुछ बातें एकदम स्‍पष्‍ट नजर आती हैं। स्‍त्री पुरुष को पाने के लिए अनायास ही कुछ प्रयास करती है। महिला अपने बालों को छूती है और अपने कपड़ों पर भी हाथ फेरती है। महिला के एक या दोनों हाथ अचानक पीछे की ओर चले जाते हैं। स्‍त्री अपने शरीर का कुछ भाग पुरुष की ओर झुका देती है। संभोग की इच्‍छुक महिला के गालों की लाली अचानक की बढ़ जाती है।अगर पुरुष के पूरे शरीर पर एक निगाह डाली जाए, तो वह थोड़ा और तन जाता है। प्रेम पाने को आतुर स्‍त्री या पुरुष उस अवस्‍था में कुछ युवा नजर आने लगते हैं। ऐसी स्थिति में महिलाएं अपने हाथ की उंगलियों को पूरी तरह खोल लेती हैं। शोध में यह बात सामने आई है कि कलाई भी कामुक क्षेत्रों में से एक है। प्‍यार पाने को आतुर महिला माथे को झटककर अपने बाल पीछे की ओर कर लेती है। स्त्रियां झुकी हुई पलकों से पुरुष को निहारती हैं और कुछ देरे पर निगाहें टिकाए रहती हैं।पिछले हिस्‍से में पहले की तुलना में थोड़ा और उभार आ जाता है। साथ ही वह उस स्‍त्री से कुछ ज्‍यादा ही देर तक निगाहें मिलाता है। आंखों की पुतलियां भी फैल जाती हैं। किसी महिला से प्‍यार चाहने की अवस्‍था में पुरुष अपने बालों को संवारने की कोशिश करता है। स्त्रियों के होठ खुल जाते हैं और दोनों होठों पर थोड़ी तरलता आ जाती है। होठ और गाल समेत पूरे चेहरे की लालिमा बढ़ जाती है, क्‍योंकि उन भागों में रक्‍त का प्रवाह तेज हो जाता है।कामातुर स्‍त्री प्‍यार पाने के लिए अपने पैरों को एक-दूसरे से रगड़ती है। ऐसा करके वह अपनी कोमल और प्रेमासक्‍त भावना का इजहार करती है। ध्‍यान रखने वाली बात यह है कि हर परिस्थिति और हर व्‍यक्ति पर बॉडी लैंग्‍वेज के ये सूत्र लागू हों, यह कोई आवश्‍यक नहीं है। सामान्‍य अवस्‍था में स्त्रियां अपने दोनों पैरों को सटाकर रखना पसंद करती हैं, जबकि काम के आवेश में आने के बाद उसके दोनों पैरों के बीच की दूरी अचानक ही बढ़ जाती है

यौन क्रिया के बाद क्‍या चाहती हैं महिलाएं

आमतौर पर पुरुष संभोग के तुरंत बाद या तो सो जाते है, या फिर अपनी पार्टनर से दूर बैठ जाते हैं। ऐसा करने पर कई बार पार्टनर का मूड खराब भी हो जाता है। क्‍या आपके साथ भी ऐसा होता है? क्‍या आपकी पार्टनर भी प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद रूठ जाती है। शायद इसमें आपकी भी गलती हो सकती है, क्‍योंकि महिलाएं यौन क्रिया के बाद भी आपका प्‍यार चाहती हैं।
कुछ बातें हम आपको बताएंगे, जिनका पालन कर आप अपने और अपनी पार्टनर के बीच सकारात्‍मक फर्क जरूर महसूस करेंगे।
1. सेक्‍स के तुरंत बाद कभी सोयें नहीं। इससे महिला को लगता है कि आप सिर्फ मतलब से उसके करीब आते हैं।
2. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर के साथ स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में लेट जायें जैसे दो चम्‍मच एक दूसरे में फिट हो जाते हैं। और अपने हाथों से हलके-हलके स्‍पर्श करते हुए प्‍यार की बाते करें। इससे महिला अपने आपको सुरक्षित महसूस करती है।
3. प्‍यार की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद भी महिलाएं अपने पार्टनर से बातें करना पसंद करती हैं। ऐसे में यदि आप मीठा सा चुंबन लेंगे, तो उन्‍हें अच्‍छा लगेगा।
4. यदि आप खासतौर से अपनी पार्टनर के मन की बात जानना चाहते हैं कि वे सेक्‍स के बाद क्‍या चाहती है, तो स्‍पून फिटिंग पोज़ीशन में उनसे पूछें कि उन्‍हें कैसा लग रहा है। वो खुद ब खुद अपनी इच्‍छाएं बयान कर देंगी। उनकी इच्‍छाओं को पूरा करके आप अपने प्‍यार भरे जीवन में खुशियां दुगनी कर सकते हैं।
5. संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर से पूछें कि उन्‍हें कैसा लगा, कौन सी यौन क्रिया में उन्‍हें सबसे ज्‍यादा आनंद आया, प्‍यार के वक्‍त उन्‍हें क्‍या चीज़ सबसे अच्‍छी लगी, आदि। उन बातों को अगली बार आज़माकर आप अपनी पार्टनर के और ज्‍यादा करीब जा सकते हैं।
6. ऐसा बहुत कम होता है कि महिला दोबारा संभोग के लिए कहे। महिलाएं कभी भी प्‍यार के बाद आराम नहीं चाहती, जबकि अधिकांश पुरुष इस क्रिया के बाद सोना पसंद करते हैं। यदि आपकी पार्टनर दोबारा संभोग के लिए कहे, तो मना मत करिये, क्‍योंकि ऐसा चांस जल्‍दी नहीं आता।

संभोग में सीधे प्रवेश की जगह करें चुंबन से शुरुआत

संभोग में सीधे प्रवेश की जगह करें चुंबन से शुरुआत
 
संभोग में सीधे प्रवेश की जगह दंपत्तियों के एक-दूसरे को चूमना, सहलाना और छेड़छाड़ करने से प्‍यार प्रगाढ़ होता है। फिर संभोग केवल एक वासना नहीं होकर, प्‍यार बन जाता है। कामसूत्र में प्‍यार में गहरे उतरने से पहले चुंबन की सलाह दी गई हैा ऊपरी होंठ व अधर (निचले होंठ) के चुंबन में एक नशा सा छाता जाता है और स्‍त्री पुरुष प्‍यार में सरोबार होते चले जाते हैं। जब नशा धीरे-धीरे बढ़ने लगात है तो चुंबन का दायरा, होंठ, मस्‍तक, आंख और गाल से नीचे उतरते हुए स्‍तन, उसके चुचूक, बगलों, नाभी, जांघों के जोड़ और फिर उसके नीचे सरकता चला जाता है। बदन के हर हिस्‍से में किया गया चुंबन, प्रेमियों के अंदर प्‍यार की ज्‍वार उत्‍पन्‍न कर देता है जो आखिर में संभोग में स्‍खलन के बाद ही उतरता है।
 
वात्‍स्‍यायन ने लिखा है कि होंठों व मुख के अलावा किए जाने वाले चुंबन का चार भेद है
*सम- यह चुंबन दोनों जांघों के जोड़, नितंब, बगलों और स्‍त्री द्वारा पुरुष के सीने पर किया जाता है
 
*पीडि़त- यह चुंबन स्‍तनों, दोनों गालों, नाभी और नाभी के नीचे पेड़ू पर किया जाता है
 
*अंचित- यह स्‍तनों और दोनों बगलों(कांख) पर किया जाता है
 
*मृदु- यह ललाट एवं आंखों पर किया जाता है
 
चुंबन भड़काती है वासना की आग- यह स्‍त्री या पुरुष में से कोई सो रहा हो और उसके दूसरे साथी का मन प्‍यार के लिए मचल रहा हो तो वह सोते हुए साथी पर चुंबनों की बौछार करते हुए उसे जगाने की चेष्‍टा करता है। इससे सोए हुए साथी के अंदर भी वासना भड़क उठती है और दोनों प्‍यार में सराबोर हो जाते हैं।
 
 
काम में मशगुल साथी को रिझाए- जब एक साथी काम में मशगुल हो और दूसरे का मन प्‍यार करने के लिए तड़प रहा हो तो वह उस पर सवार होकर चुंबनों की बौझार कर सकता है। इससे दूसरा साथी समझ जाता है कि उसका साथी क्‍या चाह रहा है। आज के संदर्भ में लैपटॉप और फेसबुक पर व्‍यस्‍त साथी को बिस्‍तर पर लाने के लिए चुंबन से बेहतर कोई हथियार नहीं हो सकता। यह चुंबन हर तरह के मर्यादा को तोड़ने वाली हो तो कितना ही व्‍यस्‍त साथी हो, संभोग के लिए मचल उठेगा। 
 
संभोग के प्रति उदासीन साथी में भी भरता है रोमांच- संभोग के प्रति यदि एक साथी काफी दिनों से उदासीनता भरा बर्ताव कर रहा हो तो उसके अंदर इच्‍छा जागृत करने के लिए पहले उसके शरीर की मालिश से शुरुआत करनी चाहिए। फिर मसाज के साथ-साथ एक-एक अनावृत अंग पर गर्म होठों की तपिश उसके अंदर चिंगारी भड़काना शुरू कर देता है।
 
ऐसे क्षण में जांघों पर किया जाने वाला चुंबन सीधे तीर की तरह सारे बदन में उतर जाता है और सिहरन पैदा कर देता है। फिर पैर, उसकी ऊंगलियों व उसके पोरों पर चुंबन और उसे मुंह में भरकर चूसने की प्रक्रिया उदासीन साथी को संभोग के लिए आतुर कर देगा।

स्त्रियों के यौन उत्तेजना चक्र

स्त्रियों के यौन उत्तेजना चक्र

स्त्रियों के यौन रोगों को भली-भांति समझने के लिए हमें स्त्रियों के प्रजनन तंत्र की संरचना और यौन उत्तेजना चक्र को ठीक से समझना होगा। यौन उत्तेजना चक्र को हम चार अवस्थाओं में बांट सकते हैं।

1. उत्तेजना (Excitement)

2. उत्तेजना की पराकाष्ठा (Plateau)

3. चरम-आनंद (Orgasm)

4. चरम-आनंद के पश्चात उत्तेजना का समापन (Resolution)

1. उत्तेजना (Excitement)
इस अवस्था में कई भावनात्मक और शारीरिक परिवर्तन जैसे योनि स्नेहन या Lubrication (योनि का बर्थोलिन तथा अन्य ग्रंथियों के स्राव से नहा जाना), जननेन्द्रियों में रक्त-संचार बड़ी तेजी से बढ़ता है। संभोग भी शरीर पर एक प्रकार का भौतिक और भावनात्मक आघात ही है और इसके प्रत्युत्तर में रक्तचाप व हृदयगति बढ़ जाती है और सांस तेज चलने लगती है। साथ ही भगशिश्न या Clitoris (यह स्त्रियों में शिश्न का प्रतिरूप माना जाता है ) में रक्त का संचय बढ़ जाने से यह बड़ा दिखाई देने लगता है, योनि सूजन तथा फैलाव के कारण बड़ी और लंबी हो जाती है। स्तन बड़े हो जाते हैं और स्तनाग्र तन कर कड़े हो जाते हैं। उपरोक्त में से कई परिवर्तन अतिशीघ्रता से होते हैं जैसे यौनउत्तेजना के 15 सेकण्ड बाद ही रक्त संचय बढ़ने से योनि में पर्याप्त गीलापन आ जाता है और गर्भाशय थोड़ा बड़ा हो कर अपनी स्थिति बदल लेता है। रक्त के संचय से भगोष्ठ, भगशिश्न, योनिमुख आदि की त्वचा में लालिमा आ जाती है। 

2. उत्तेजना की पराकाष्ठा (Plateau)
दूसरी अवस्था उत्तेजना की पराकाष्ठा (Plateau) है । यह उत्तेजना की ही अगली स्थिति है जिसमें योनि (Vagina), भगशिश्न (Clitoris), भगोष्ठ (Labia) आदि में रक्त का संचय अधिकतम सीमा पर पहुँच जाता है, जैसे जैसे उत्तेजना बढ़ती जाती है योनि की सूजन तथा फैलाव, हृदयगति, पेशियों का तनाव बढ़ता जाता है। स्तन और बड़े हो जाते हैं, स्तनाग्रों (Nipples) का कड़ापन तनिक और बढ़ जाता है और गर्भाशय ज्यादा अंदर धंस जाता है। लेकिन ये परिवर्तन अपेक्षाकृत धीमी गति से होते हैं।

3. चरम-आनंद (Orgasm)

तीसरी अवस्था चरम-आनंद (Orgasm) की है जिसमें योनि, उदर और गुदा की पेशियों का क्रमबद्ध लहर की लय में संकुचन होता है और प्रचंड आनंद की अनुभूति होती है। यह अवस्था अतितीव्र पर क्षणिक होती है। कई बार स्त्री को चरम-आनंद की अनुभूति भगशिश्न के उकसाव से होती है। कई स्त्रियों को बिना भगशिश्न को सहलाये चरम-आनंद की अनुभूति होती ही नहीं है। कुछ स्त्रियों को संभोग में गर्भाशय की ग्रीवा (Cervix) पर आघात होने पर गहरे चरम-आनंद की अनुभूति होती है। दूसरी ओर कुछ स्त्रियों को गर्भाशय की ग्रीवा पर आघात अप्रिय लगता है और संभोग के बाद भी एंठन रहती है। पुरुषों की भांति स्त्रियां चरम-आनंद के बाद भी पूर्णतः शिथिल नहीं पड़ती, और यदि उत्तेजना या संभोग जारी रहे तो स्त्रियां एक के बाद दूसरा फिर तीसरा इस तरह कई बार चरम-आनंद प्राप्त करती हैं। पहले चरम-आनंद के बाद अक्सर भगशिश्न की संवेदना और बढ़ जाती है और दबाव या घर्षण से दर्द भी होता है।

4. चरम-आनंद के पश्चात उत्तेजना का समापन (Resolution)
चरम-आनंद के पश्चात अंतिम अवस्था समापन (Resolution) है जिसमें योनि, भगशिश्न, भगोष्ट आदि में एकत्रित रक्त वापस लौट जाता है, स्तन व स्तनाग्र सामान्य अवस्था में आ जाते हैं और हृदयगति, रक्तचाप और श्वसन सामान्य हो जाता है। यानी सब कुछ पूर्व अवस्था में आ जाता है।



सभी स्त्रियों में उत्तेजना चक्र का अनुभव अलग-अलग तरीके से होता है, जैसे कुछ स्त्रियां उत्तेजना की अवस्था से बहुत जल्दी चरम-आनंद प्राप्त कर लेती हैं। दूसरी ओर कई स्त्रियां सामान्य अवस्था में आने के पहले कई बार उत्तेजना की पराकाष्ठा और चरम-आनंद की अवस्था में आगे-पीछे होती रहती हैं और कई बार चरम-आनंद प्राप्त करती हैं।


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सेक्‍स के दौरान स्‍त्री को कब और कैसे होता है चरम तृप्ति का अहसास -

सेक्‍स के दौरान स्‍त्री को कब और कैसे होता है चरम तृप्ति का अहसास
 
यौन उत्‍तेजना का पहला अनुभव मस्तिष्‍क में होता है। इसके बाद सभी तंत्रिकाओं (नर्व्‍स) में खून तेजी से दौड़ने लगता है। इस कारण संभोगरत स्‍त्री का चेहरा तमतमा उठता है। कान, नाक, आंख, स्‍तन, भगोष्‍ठ व योनि की आंतरिक दीवारें फूल जाती हैं। भगांकुर का मुंड भीतर की ओर धंस जाता है और ह़दय की धड़कने बढ़ जाती हैं। योनि द्वार के अगलबगल स्थित बारथोलिन ग्रंथियों से तरल पदार्थ निकल कर योनि पथ को चिकना बना देता है, जिससे पुरुष लिंग का गहराई तक प्रवेश आसान हो जाता है। डाक्‍टर किंसे के अनुसार, जब तक पुरुष का लिंग स्‍त्री योनि की गहराई तक प्रवेश नहीं करता, तब तक स्‍त्री को पूर्ण आनंद नहीं मिलता है।
उत्‍तेजना के कारण स्‍त्री के गर्भाशय ग्रीवा से कफ जैसा दूधिया गाढ़ा स्राव निकल आता है। गर्भाशय ग्रीवा के स्राव के कारण गर्भाशय मुख चिकना हो जाता है, जिससे पुरुष वीर्य और उसमें मौजूद शुक्राणु आसानी से तैरते हुए उसमें चले जाते हैं।
 
काम में संतुष्टि का अनुभव
यौन उत्‍तेजना के समय स्‍त्री की योनि के भीतर व गुदाद्वार के पास की पेशियां सिकुड़ जाती हैं। ये रुक-रुक कर फैलती और सिकुड़ती रहती है। यह इस बात का प्रमाण है कि स्‍त्री संभोग में पूरी तरह से संतुष्‍ट हो गई हैं। पुरुष अपने लिंग के ऊपर पेशियों के फैलने सिकुड़ने का अनुभव कर सकता है।
 
स्‍त्री आर्गेज्‍म की कई अवस्‍था
* संभोग काल में हर स्‍त्री की चरम तृप्ति एक समान नहीं होती है। हर स्‍त्री के आर्गेज्‍म अनुभव अलग होता है। डॉ विलि, वैंडर व फिशर के अनुसार, चरमतृप्ति या आर्गेज्‍म प्राप्ति काल में स्‍त्री की योनि द्वार, भगांकुर, गुदापेशी व गर्भाशय मुख के पास की पेशियां तालबद्ध रूप में फैलने व सिकुड़ने लगती है। कभी-कभी ये पांचों एक साथ गतिशील हो जाती है, उस समय स्‍त्री के आनंद की कोई सीमा नहीं रह जाती है।
 
* कोई स्‍त्री अनुभव करती है कि उसका गर्भाशय एक बार खुलता फिर बंद हो जाता है। इसमें कई स्त्रियों के मुंह से सिसकारी निकलने लगती है।
 
* कुछ स्त्रियों में संपूर्ण योनि प्रदेश, गुदा से लेकर नाभि तक में सुरसुराहट की तरंग उठने लगती है। कई बार यह तरंग जांघों तक चली जाती है। उस समय स्‍त्री के चरम आनंद का ठिकाना नहीं रहता।
 
* कुछ स्त्रियों को लगता है कि उनकी योनि के भीतर गुब्‍बारे फूट रहे हैं या फिर आतिशबाजी हो रही है। यह योनि के अंदर तीव्र हलचल का संकेत है, जो स्‍त्री को सुख से भर देता है।
 
आर्गेज्‍म काल में स्‍त्री की दशा
डॉ विलि, वैंडर व फिशर के अनुसार, जिस वक्‍त संभोग में स्‍त्री को आर्गेज्‍म की प्राप्ति होती रहती है उस वक्‍त उसकी आंखें मूंद जाती है, स्‍तन के कुचाग्र फड़कने लगते हैं, कानों के अंदर झनझनाहट उठने लगती है, शरीर में हल्‍कापन महसूस होता है, मन सुख की लहर दौड़ पड़ती है, प्रियतम के प्रति प्रेम से मन भर उठता है और कई बार हल्‍की भूख का भी अहसास होता है। कई स्त्रियों को पेशाब लग जाता है।
 
पुरुष में वीर्यपात तो स्‍त्री में क्‍या ?
पुरुष के आर्गेज्‍म काल में उसके लिंग से वीर्य का स्राव होता है, जिसमें उसे आनंद की प्राप्ति होती है। लेकिन आर्गेज्‍म की अवस्‍था में स्‍त्री में ऐसा कोई स्राव होता है या नहीं, कामकला के विद्वानों में इस बात को लेकर मतभेद है। डॉ विलि, वैंडर व फिशर के मतानुसार, अधिक कामोत्‍तेजना के समय स्‍त्री का गर्भाशय सिकुड़ता है, जिससे गर्भाशय का श्‍लैष्मिक स्राव योनि में गिर पड़ता हैा बहुत से स्त्रियों के गर्भाशय से कफ जैसा पदार्थ निकलता है और संपूण योनि पथ को गीला कर देता है। इस स्राव में चिपचिपाहट होती है।
 

Friday, 8 February 2013

Sex With Hot Computer Teacher


Hey ISS readers i am dhruv'lovesx' sharing my experience with a teacher when i was in school back in 2009. I am a commerce student living in New Delhi , i am 5'11 and have a strong build and i am fair looking average guy. I love to spend time reading , playing and reading sex stories specially at ISS. For Feedbacks contact me at dhruv142142@gmail.com , i will be happy if you girls out there contacted me and shared your story. Now moving to year 2009 i was studying in a big school and was in 11 class, i chose commerce as i want to be finance profession. From small age i was fascinated by the computer and so i was good at it. It all started when a new teacher came in for our IT subject who took my heart and soul away. Her name was Rita and she was a beautiful fair looking woman.
She was 25 and i was 18 that time. Now let me explain her body , she was kind of busty woman with 36 32 36 figure but her eyes was very beautiful. She always wore a saree with back less blouse now i dont know why that was allowed but i loved the fact that she was bold. Every other male staff was always around her stalking those assets of her and admiring it. Girls i was a good student in studies and sport which made me a good boy in school and my reputation was good among teachers. I was also involved in personal life of many teachers.
As she was new so i made a move by asking her to get familiarize with lab with me to which she happily agreed, as i was showing her lab her nice round ass was tempting me a lot and i really wanted to touch it so i deliberately fell on her as i was behind and while falling i pressed her ass with my both of the hands and guyz the pleasure was extreme, her ass was so soft that it felt like a cushion and to end that pleasure she picked me up revealing her sexy cleavage , now i made up my mind to have sex with her. After a week or so we were good friends and talked very much, i was happy the sex day was nearing.
After a month i was spending most of the time with her and i got to know that she was single and lived alone in a house nearby the school. We started sharing lunch and also our personal life. One day she asked me Rita: Do you have any girlfriend? Me: No! Rita: why, are you not interested in woman? Me: no mam its not like that i had girlfriends but none of them were like i wanted. Rita: what type of girl you want then?
Me: beautiful , bold and sexy. Rita: sexy? You are talking to your mam now! Me: for me you are great teacher but you are my friend first! Rita: oh so cute! Me: i want girl like you! Rita: i am sexy? Me: ya very sexy and beautiful! Rita: shut up ! You naughty boy. After this talk i was sure that i have made a mark in her mind that i like her and wanted a girl like her, now i knew that she is a girl before a teacher and will definitely think about it. As days passed we were into each other and talked openly about relationships and sex! She told me she had sex several times and last was with her personal trainer , now listening to this i was happy and my goal was nearing. After two months we were alone in lab as it was school last period, i made a bold move i came from behind and put my arms on her belly and kissed her on neck to which she was stunned and the she pushed me back.
It was a 5 second pause which i felt it was for years and then she slapped me and jumped over me and started to kiss me on laps as i was holding her ass and her boobs were rubbing my chest and giving me heavenly feeling. We kissed for 10 minutes and then i remove her saree pallu to reveal her blouse and cleavage i kissed her cleavage and licked it then i sucked her nipples through her blouse and meanwhile she rubbed my dick with her hands, and as i was going to tear her blouse and hold those melons she said me not here and then she grabbed my hand and escorted me to her car and said we will make love at my bed. I was so happy that i was just 10 mins away to fuck the woman of my dreams. We reached her home and she locked the door again jumped me and kissed me and said show me your animal hearing this i lifted her and i throw her on bed and quickly removed my shirt revealing my body which made her much more horny.
I jumped over her removed her saree and literally teared her blouse to which she said 'thats what i want now feel me ' i removed her bra and there was huge sets of great lovely juicy melons i just attacked the left one first and licked it sucked it juices which were so sexy and at same time i grabbed the other one and gave her pleasure to which she moaned like anything . I played with her breast for 15 mins then she said it my turn she grabbed my dick and licked it kissed and finally took my dick in her mouth, her mouth was so warm and it felt really nice. Then she gave me a blow job which she enjoyed it.
After some time i grabbed her ass and inserted my dick into her which was very tight to insert so i spanked her hard and tried slowly to insert my dick as i entered she made loud noises and moaned like anything and then i stroked her ass for few minutes then she said that she wants it in doggy style so i picked her and fucked her from behind. I stroked my dick very fast into her which gave me loads of pleasure meanwhile i was pressing her breast and she was saying 'fuck me you beast fuck me more' i was saying 'oh yeah yeah fuck you ,oh oh oh' .
Then after fucking her doggy style i moved on to the bed and she moved on top of me , then with great pain and pleasure i inserted my dick and said ride me like a horse. She was moving back and forth which was so so pleasuring and them to make it ultra pleasurable she started jumping on my dick and i could see her big breast which i caught like football and pressed it hard.
We changed our position to standing and i lifted her and fucked her against the wall which was very tough for me but guys believe me i got greatest pleasure of my life doing that i drilled her for 10 more minutes in that position and she was crying to stop. I was about to come and that i told her and she said to me that she wanted inside her mouth so she took my dick whole in and i emptied my load inside her mouth then she liked all my load and kissed me and said ' thank you , i wanted this' then we cleaned each other and got dressed, she made me lunch and we ate it lovingly.
After that we had sex several times and now she is married and we are good friends. Hope you guys liked my story. I m reading sex stories at ISS and making next sex talk friends to which i am loving it. By my stories i want to reach out to all of the girls and encourage them to share there stories with ISS and me .
We can be good friends and i can help you write your story plus can discuss on more stories. So girls of any age please give me feedback on my story. I am dhruv and i live in Delhi and i am 21 years in age. Thank you love you all!

Me And My Sweet Aunt


Hi friends. This is abhi from bangalore. I would like to narrate you a incident which was taken place in between ma and my sexy aunt in hyderabad. This is first story friends if at all any mistakes feel free to mail me so that i can do better in my further proceedings. Well coming to the story i am of 25 yrs of age right now and this incident was happened around 21 years i think. My aunt name is lucky this was kept by me and i would use the name lucky in this overall story. I use to go to her house daily in return from my college. My college will be left at 4pm in the evening and t that time i use to go to her house where her husband is working on other region. She use to live with her children and their age is around 15 and 10. They use to go to school and come home around 6pm.
Till that time i use to watch aunty acts initially.She use to wear some what transparent blouses and she is in work the saree use to slip and i can have a visibility of her boobs and nipples. From there only i use to watch her in wrong angle. One fine day in the afternoon as i went to her home i saw her husband in home and he greeted me hi and welcomed me into house and i came to know that he is suffering from fever. So he went to bedroom and taking rest. In the mean while my aunty is taking rest in hall on diwana. I went near her and slept beside her after some time i found that her boobs are pressing my back and at that time i got some tension and did not strike what to do so i finally turned to her side and next my hand from down to touch her blouse and at that time she is wearing her nighty.
As this incident ia going on my brother wake up. Here my brother is my penis i.E cock. I used to push my cock towards her and after 15 min sperm has been released in my underwear. I went to washroom and cleaned myself. After some more days she was sleeping in the afternoon on the floor. As it is in summer season the weather is too hot. I again went beside her and slept and kept my hand on her stomach from there i tried to touch her blouse. Finally after some attempts i have reached to her blouse. I tried to move my hand into the blouse from down but it is not possible so i found some gap in between the hooks of her blouse till that time i was slightly pressing her blouse and i m interested and busy in finding her nipple. That is the first touch for me to touch women nipple at that age. It is somewhat great feeling i felt. After that i inserted to touch her boobs from the gaps of hooks and the boobs are white in color and so soft.
I removed one of her hook and kept my hand inside. As i m doing all these actions she didnt said any objection or something and i know that she is really enjoying my acts. So i have proceeded boob pressing for some day like this. On other day when i went to her house the doors are kept open i rushed into the house and caught her from behind while she is preparing some dish in the kitchen in the mean while i am touching her boobs under her pallu and started pressing my dick into her ass and saw some feelings in her that she too enjoying the act.Nothing more done on that day. Like this i am enjoying her day by day.
One day we went to some tour we children are sitting in one car and our parents are in another car. Her daughter got tired and slept an my thighs and kept my hands on her and accidentally they were slipped to her boobs and i obviously pressed them they to are also so soft and i kept inside the dress and found the nipple erect and it was hardrock. I thought her mother and herself are maintaining good pair of boobs.
After lunch she come in our car and sit beside me and in the night she slept on my thighs and i continued the same act till night. So i enjoyed a lot with her boobs but its time to reach her pussy and i am waiting for chance how to proceed. Finally i reached. We are going to my village in auto and i am little bit tired and slept on her thighs but when i slept there i found her navel and i cannot control myself and kept one hand itching on her pussy and another hand inside to her saree from down and i saw her face and found she is also acting like sleeping and finally i reached her pussy and kept my hand inside the pussy and found some wetness there. At that age i did not have any idea what and how will be there. Like this we both are enjoying when ever we have a chance.
One day she has taken one tablet which she feels sleepy on that day no one in home so i directly kept my hand on stomach and lowered her saree and kept my hand inside her saree and touched her pussy and do finger fuck for 5 min and pressed her soft balloons(boobs) like anything but i did not found any reaction in her after 15 min she woke up and at that time i m watching tv. She came near me and asked what happened to me i found something wrong near my leg. I too acted nothing happened how can i know what happened to your legs. And we behave normally sfter some time.
And finally one day at 11 am i went to her home and at that time she was getting prepare for her bath. For your kind information there is no roof for her bathroom and it is attached bathroom and top open beside that there is semi furnished cupboard.As she entered into the bathroom after i heard the water falling on her body i began to search to see whether there are any holes for door to watch her but i found nothing and saw the cupboard and climb that cupboard to see full nude and finally i got and after coming out she wore a cotton saree of yellow and dark green combination and green color blouse which suits her and looking sexy too.
And after taking lunch and she feels somewhat sleepy and went to sleep and as soon s she feels sleepy i 2 felt same and went beside her to sleep.And kept my hand on her boobs and found her breathe is increasing and i am pressing her boobs and after some time she turned towards me and i unhook her blouse and raised up and suck her nipples for 10 min the nipples became too hard and her boobs and more softer than be for and i started to put my hand inside her saree and found her pussy it was fully wet and i started finger fuck for some time and raised her saree and i unzip my trouser and released my brother and kept head near her pussy until now she controlled but as the touch of my dick touched her she cant manage more by seeing the size and pushed her towards me and started to enjoy after then i released cum inside her with her permission only and asked her why she has waited till now for fuck and she replied that she got fear in herself and if it is known to anybody her marriage life will spoil and asked me not to tell regarding this to anyone.
I replied are you mad how can i tell and miss you. She hugged me tightly and we both taken bath after the sex in the washroom and had one more session.
Like this when ever we get opportunity we had enjoyed a lot and i got job in Bangalore in software and i miss her until now i have not reveled our matter to anyone.
Guys i hope you all njoyed the story and u feel honry too. Even i feel honry while writing the story and regained the incidents how i enjoyed. Any girls or aunties who has gone through the story and u too want to enjoy like this means you can feel free to call sothat i can fullfill your desire of not getting satisfaction with your boyfriends or your hubby. It will be maintained very secrecy and nodoubt in that and you can enjoy at your place.This is my mail-id for those people who can leave comments,suggestions and requests. Catch u later. Byyyeeeee